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गुरु ग्रह का रत्न पुखराज धारण करने की विधि, शुभ मुहूर्त एवं मंत्र

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गुरु ग्रह का रत्न पुखराज धारण करने की विधि, शुभ मुहूर्त एवं मंत्र

ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, भाग्य और समृद्धि का कारक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है तब जीवन में आर्थिक परेशानी, विवाह में देरी, शिक्षा में बाधा और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएँ उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में ज्योतिषाचार्य पुखराज रत्न धारण करने की सलाह देते हैं। पुखराज को अंग्रेजी में Yellow Sapphire कहा जाता है और यह गुरु ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है।

पुखराज रत्न क्या है?

पुखराज एक बहुमूल्य रत्न है जिसका रंग हल्का पीला, सुनहरा पीला या केसरिया पीला होता है। यह रत्न गुरु ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यह रत्न व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, धन, सम्मान और मानसिक शांति प्रदान करता है।

पुखराज रत्न धारण करने के लाभ

विवाह में आने वाली बाधाएँ दूर करता है

यदि विवाह में देरी हो रही हो या वैवाहिक जीवन में समस्याएँ हों तो पुखराज धारण करना लाभकारी माना जाता है।

शिक्षा और करियर में सफलता

गुरु ग्रह ज्ञान और बुद्धि का कारक है। पुखराज धारण करने से शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर में सफलता मिलने की मान्यता है।

आर्थिक स्थिति मजबूत करता है

यह रत्न धन लाभ, व्यापार में उन्नति और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने वाला माना जाता है।

मानसिक शांति प्रदान करता है

पुखराज व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होता है।

संतान सुख प्राप्त होता है

ज्योतिष में गुरु ग्रह को संतान का कारक माना गया है, इसलिए पुखराज धारण करने से संतान संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है।

पुखराज धारण करने की सही विधि

रत्न धारण करते समय विधि और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।

धारण करने का शुभ दिन

पुखराज रत्न गुरुवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है।

धारण करने का शुभ समय

सूर्योदय के बाद प्रातःकाल का समय सर्वोत्तम माना जाता है।

किस धातु में धारण करें?

पुखराज को सोने की अंगूठी में धारण करना सबसे शुभ माना जाता है।

किस उंगली में पहनें?

इसे दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण किया जाता है।

पुखराज धारण करने की पूजा विधि

  1. गुरुवार सुबह स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें।
  2. अंगूठी को गंगाजल, कच्चे दूध और शहद से शुद्ध करें।
  3. पीले कपड़े पर गुरु यंत्र स्थापित करें।
  4. भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करें।
  5. पीले फूल, धूप और दीप अर्पित करें।
  6. नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें।
  7. मंत्र जाप के बाद पुखराज धारण करें।

पुखराज धारण मंत्र

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः

या

ॐ बृं बृहस्पतये नमः

पुखराज धारण करने का शुभ मुहूर्त 2026

माह शुभ तिथि
जनवरी 8, 15, 22
फरवरी 5, 12, 19
मार्च 5, 12, 26
अप्रैल 2, 9, 23
मई 7, 14, 28
जून 4, 11, 25

नोट: रत्न धारण करने से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से अवश्य कराएँ।

किन लोगों को पुखराज धारण करना चाहिए?

  • जिनकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो
  • धनु और मीन राशि वाले जातक
  • विवाह में देरी हो रही हो
  • शिक्षा और करियर में बाधाएँ आ रही हों
  • आर्थिक समस्याएँ बनी रहती हों
  • संतान सुख में परेशानी हो

पुखराज खरीदते समय सावधानियाँ

  • हमेशा प्राकृतिक और प्रमाणित रत्न ही खरीदें
  • लैब सर्टिफिकेट अवश्य लें
  • टूटा, धुंधला या अधिक दाग वाला रत्न न पहनें
  • अनुभवी ज्योतिष सलाह के बाद ही धारण करें

यदि आप प्रमाणित और प्राकृतिक पुखराज रत्न खरीदना चाहते हैं तो Khatri Gems & Sons जैसे विश्वसनीय gemstone store से certified gemstone लेना उचित माना जाता है।

निष्कर्ष

पुखराज रत्न गुरु ग्रह को मजबूत करने वाला अत्यंत प्रभावशाली रत्न माना जाता है। सही विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त में धारण किया गया पुखराज जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक उन्नति, विवाह सुख और मानसिक शांति प्रदान कर सकता है। हालांकि किसी भी रत्न को धारण करने से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें ताकि आपको सही और पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।

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